Nakshatra

Nakshatra a song by DRV on Foxsoundi — Free Music, Smart Streaming for Everyone

Nakshatra by DRV

Nakshatra Lyrics

नक्षत्र
नक्षत्र
यंग किंग ना मिला प्यार उसे घर से
सपने थे पुर करने सफ़र पे
डरके नही जीना और उसे डरके
तरसे अधूरा मन उसका भटके
जाई शिव शंकर
कभी ना मिते ये hunger
800 crore लोग आपके दर्शक हूँ मई मंच पर
दृष्टिकोण बदल कर जब ज़िंदगी देखी नापतोल के
खुशनसीब अपनी आदतों से
वनवास लिया जाके बादलों मे
हरी ओम मुसाफिर घूमे खाली गलियों मे
सदियो से थे जो गुमराह नापते नक्शे जो थे नदियों से
अपहिल मुलाकात हुई सच से
सच ये सुनो सत्संग मेरा सर्दियों मे
नक्षत्र
नक्षत्र
नक्षत्र
नक्षत्र
हो गया मै मुक्त अब
प्राप्त किया मैने मोक्ष
कहानी मेरी लिखी मैने जो
प्राप्त किया मैने मोक्ष
हो गया मै मुक्त अब
प्राप्त किया मैने मोक्ष
कहानी मेरी लिखी मैने जो
प्राप्त किया मैने मोक्ष
बचपन की मुल्तान की बात है
पारटिशन हो गया लुक्कणोव चला गया
बढ़ी महनतें करनी पढ़ी
पहले पैसा कहाँ होता था सही बात है
शान मारने से कुछ नही होता
असलियत बताने से होता है
अछा तो माहटें करी और ग़रीबी मिटी
खाने पीने के लायक हुए
मा हमारी कहती थी देखो
बिस्तरा छ्चोड़ते हो
तो सालो कुछ खाने को मिलता है

From the album: NAKSHATRA