Panchhi

Panchhi a song by Sugam Pokharel on Foxsoundi — Free Music, Smart Streaming for Everyone

Panchhi by Sugam Pokharel

Panchhi Lyrics

[00:14.59] जैसे ये पंछी उड़ रहे हैं खुला आसमाँ में
[00:27.36] जैसे ये हवा बह रही है सब दिशाओं में
[00:38.55] अपनी भी कट रही ये ज़िंदगी धूप और छाँव में
[00:54.00] खो के कुछ पाना है, आ के पास दूर है जाना
[01:01.19] हँस के फिर है रोना, ज़िंदगी है खिलौना
[01:08.53] इन फ़लसफ़ों का नहीं मुझपे कोई असर
[01:19.29] आज़ाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
[01:29.85] आज़ाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
[01:42.38]
[02:18.82] ख़्वाहिशें नहीं, चाहतें नहीं हैं दिल में कोई
[02:28.62] रास्ते मेरे, रास्ते मेरे बदलते रहते हैं
[02:43.12] हर कदम में मंज़िलें नयी
[02:50.19] किसी के ख़्वाबों का नहीं मुझपे कोई असर
[03:00.97] आज़ाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
[03:11.55] आज़ाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
[03:23.44] हुर्र, चट
[03:28.21] चट, चट
[03:31.95] ओ, स-र-र-र-र-र
[03:34.70]
[03:52.01] कल को देखा नहीं, कब क्या होगा, ये सोचा नहीं
[04:01.78] ये लम्हें मेरे, ये लम्हें मेरे संग चलते हैं
[04:16.17] हर नये पल में ख़ुशियाँ नयी
[04:23.28] वक़्त के काँटों का नहीं मुझपे कोई असर
[04:34.05] आज़ाद हूँ मैं, आज़ाद हूँ मैं
[04:45.28] आज़ाद हूँ मैं (आज़ाद हूँ मैं), आज़ाद हूँ मैं (आज़ाद हूँ मैं)
[04:50.93] आज़ाद हूँ मैं (आज़ाद हूँ मैं)
[04:59.46] आज़ाद हूँ मैं
[05:05.17]

From the album: Shwyet Hansini