Aankhon Ne Maara

Aankhon Ne Maara a song by Farhan Khan on Foxsoundi — Free Music, Smart Streaming for Everyone

Aankhon Ne Maara by Farhan Khan

Aankhon Ne Maara Lyrics

मैं हर जगह पे तेरे पीछे तेरा साया हूँ
चेहरे को देख, तेरे अपने ग़म भुलाने आया हूँ
सब कहते हैं तुझे छू के हवा कर देती दीवाना
तेरे जिस्म की महकती ख़ुशबू को चुराने आया हूँ
तू सुन रही है क्या मेरी अनकही बातें?
काश होते ऐसे शब्द जिससे हम तुझे बताते
तारे भी हैं सर झुकाते तेरी चांदनी के आगे
फूलों में आ जाती ताज़गी जब भी तू मुस्कुरा दे
तुझे ख़बर नहीं, कितनी हसीन है तू
नूर-ए-नज़र, नज़र न लगे, आफरीन है तू
जो मुझे सुनते, मेरी लिखने की तारीफ़ करें
पर लिखना भूल जाता, जब मेरे क़रीब है तू
संभालूं कैसे ख़ुद को, भला मुझे तू बता दे
जिसमें हो तुझसे ज़्यादा नशा, जाम वो पिला दे
तेरी गली में चलते, आशिक़ अपना सर झुका के
और जिस गली में तेरा ज़िक्र न हो, वो बता दे
मुझे तेरी आँखों ने मारा हुआ है
दिल मेरा हारा हुआ है
छुप जाते जाके कहीं चल
दुश्मन ज़माना हुआ है
आँखों ने मारा हुआ है
दिल मेरा हारा हुआ है
छुप जाते जाके कहीं चल
दुश्मन ज़माना हुआ है
तू मौजज़ा है ख़ुदा का नूर है तू
ये मेरा दिल है तेरा घर, वहाँ महफ़ूज़ है तू
अगर मैं झूठ कहूँ, देखूँ न किसी को तेरे सिवा
पर हर जगह तेरा चेहरा, तो क्या करूँ, मजबूर मैं
तू दूर रहके पास, पर तू दूर कर ये फ़ासले
चूर हो के यादों में, तेरी हम तन्हा जागते
जिस्म से तेरे लिपटा रहूं, बस हमेशा काश मैं
लकीरें तुझ तक न जाती, वो मिटा रहा हूँ हाथ से
तू जुस्तजू है, दिल की मुराद है तू, ख़्वाहिश है
कब तक लेगी बता मोहब्बत की आज़माइशें
ये कहते मोहब्बत में ढूंढा करते नहीं फ़ायदे
हम लूट चुके हैं, अब तेरे आगे कुछ भी न दिखाई दे
ऐ ज़ालिम, कभी तो मुझे प्यार की निगाह से देख
क़सम ख़ुदा की, तुझपे ज़िंदगी लुटा देंगे
ग़मों की शाम होगी, तो तुझे हंसा देंगे
हम ग़म तेरे चुरा लेंगे
मुझे तेरी आँखों ने मारा हुआ है
दिल मेरा हारा हुआ है
छुप जाते जाके कहीं चल
दुश्मन ज़माना हुआ है
आँखों ने मारा हुआ है
दिल मेरा हारा हुआ है
छुप जाते जाके कहीं चल
दुश्मन ज़माना हुआ है

From the album: Alif Laila (Part 2)